बसंत पंचमी पर माँ सरस्वती स्तुति के साथ दो शब्द

बसंत पंचमी पर माँ सरस्वती स्तुति के साथ दो शब्द



मैं समयाभाव के कारण आजकल अंकगणितीय योग्यता पर कुछ लिख नही पा रहा हूँ ।लेकिन आज बसंत पंचमी पर माँ सरस्वती के पूजन का दिन है इसलिए सरस्वती वंदना के साथ दो शब्द कहना चाहता हूँ ।



॥ श्रीसरस्वती स्तुति ॥


या कुन्देन्दु- तुषारहार- धवला या शुभ्र- वस्त्रावृता
या वीणावरदण्डमन्डितकरा या श्वेतपद्मासना

या ब्रह्माच्युत- शंकर- प्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता

सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा १


दोर्भिर्युक्ता चतुर्भिः स्फटिकमणिमयीमक्षमालां दधाना

हस्तेनैकेन पद्मं सितमपि च शुकं पुस्तकं चापरेण

भासा कुन्देन्दु- शंखस्फटिकमणिनिभा भासमानाऽसमाना

सा मे वाग्देवतेयं निवसतु वदने सर्वदा सुप्रसन्ना २


आशासु राशी भवदंगवल्लि

भासैव दासीकृत- दुग्धसिन्धुम्

मन्दस्मितैर्निन्दित- शारदेन्दुं

वन्देऽरविन्दासन- सुन्दरि त्वाम् ३


शारदा शारदाम्बोजवदना वदनाम्बुजे

सर्वदा सर्वदास्माकंसन्निधिं क्रियात् ४


सरस्वतीं च तां नौमि वागधिष्ठातृ- देवताम्

देवत्वं प्रतिपद्यन्ते यदनुग्रहतो जनाः ५


पातु नो निकषग्रावा मतिहेम्नः सरस्वती

प्राज्ञेतरपरिच्छेदं वचसैव करोति या ६


शुद्धां ब्रह्मविचारसारपरमा- माद्यां जगद्व्यापिनीं

वीणापुस्तकधारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्

हस्ते स्पाटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थितां

वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम् ७


वीणाधरे विपुलमंगलदानशीले

भक्तार्तिनाशिनि विरिंचिहरीशवन्द्ये

कीर्तिप्रदेऽखिलमनोरथदे महार्हे

विद्याप्रदायिनि सरस्वति नौमि नित्यम् ८


श्वेताब्जपूर्ण- विमलासन- संस्थिते हे

श्वेताम्बरावृतमनोहरमंजुगात्रे

उद्यन्मनोज्ञ- सितपंकजमंजुलास्ये

विद्याप्रदायिनि सरस्वति नौमि नित्यम् ९


मातस्त्वदीय- पदपंकज- भक्तियुक्ता

ये त्वां भजन्ति निखिलानपरान्विहाय

ते निर्जरत्वमिह यान्ति कलेवरेण

भूवह्नि- वायु- गगनाम्बु- विनिर्मितेन १०


मोहान्धकार- भरिते हृदये मदीये

मातः सदैव कुरु वासमुदारभावे

स्वीयाखिलावयव- निर्मलसुप्रभाभिः

शीघ्रं विनाशय मनोगतमन्धकारम् ११


ब्रह्मा जगत् सृजति पालयतीन्दिरेशः

शम्भुर्विनाशयति देवि तव प्रभावैः

न स्यात्कृपा यदि तव प्रकटप्रभावे

न स्युः कथंचिदपि ते निजकार्यदक्षाः १२


लक्ष्मिर्मेधा धरा पुष्टिर्गौरी तृष्टिः प्रभा धृतिः

एताभिः पाहि तनुभिरष्टभिर्मां सरस्वती १३


सरसवत्यै नमो नित्यं भद्रकाल्यै नमो

नमःवेद- वेदान्त- वेदांग- विद्यास्थानेभ्य एव च १४


सरस्वति महाभागे विद्ये कमललोचने

विद्यारूपे विशालाक्षि विद्यां देहि नमोस्तु ते १५


यदक्षर- पदभ्रष्टं मात्राहीनं च यद्भवेत्

तत्सर्वं क्षम्यतां देवि प्रसीद परमेश्वरि १६
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युक्तियुक्तं वचो ग्राह्यं बालादपि शुकादपि

युक्तिहीनं वचस्त्याज्यं व्रूध्हादपि शुकादपि



अच्छे तर्क से जो भी आए फ़िर चाहे वह एक बच्चे से या फ़िर एक तोते से आए ग्रहण करना चाहिए और जो अनुचित हो वह चाहे एक वृद्ध या फ़िर ऋषि शुक्र से आए त्याग देना चाहिए ।



इसलिए अच्छी शिक्षा जरूर ग्रहण करे चाहे फ़िर वह आप से एक छोटे और कम पढ़े लिखे व्यक्ति से क्यों न आई हो



माँ सरस्वती के चरणों में पुनः प्रणाम


आपका

सुशील दीक्षित

बुलंद हौसलों का कमाल


बुलंद हौसलों का कमाल
अगर हौसले बुलंद हो और दृढ़ निश्चय हो तो कोई ताकत आपको मंजिल पाने से रोक नही सकती है ।कुछ ऐसा ही हौसले और निश्चय का प्रदर्शन किया है श्री कृष्ण गोपाल तिवारी जी ने ।उनकी आँखें कुछ भी देख पाने में सक्षम नही है पर उन्होंने आई ऐ एस में सफलता पाकर यह साबित कर दिया कि अगर दीपक भी अपने पर उतर आए तो ऐसे कोई आंधी नही जो उसे बुझा सके ।उन्होंने प्राथमिक शिक्षा अपने गाँव में प्राप्त कि और जौनपुर से डिग्री हासिल की बाद में कानपुर से एम् ऐ किया । अंत में आई ऐ एस तक का सफर तय करके अपनी मजिल पा ही ली ।पढ़ाई में उनके दोस्त पढ़ते और उन्होंने सुन सुन कर अपने पाठों को याद किया । टेलिविज़न और ऑडियो टेप का भी सहारा लिया ।
नमन ऐसी प्रतिभा को , ऐसे आत्मविश्वाश को , ऐसी लगन को , ऐसे हौसले को ----------कुछ भी कम है लिखने के लिए
तिवारी जी आपको बधाई हो
सुशील दीक्षित

सरल गुणा की विधि ---------

पिछली पोस्ट से आगे

पिछली पोस्ट में ऐसे अंको को गुणा करने की विधि पर चर्चा कि थी अब उसी से थोड़ा आगे
पिछली पोस्ट में आप ध्यान दे तो वर्ग करने के विधि बतायी गई थी उसमे दो बातें सामान थी
1. जिन संख्याओं का वर्ग निकाला गया था उसमे दहाई का अंक समान था
2. और ईकाई का अंक 5 था यानि की इकाई के अंको का योग 10 था ।
यह दोनों कन्डीशन जहाँ भी लागू होगी वहां पर यह विधि काम करेगी जैसे 37 क्ष 33 या 56 x 54
इसमे वही करना है जो पिछली विधि में किया था
1. दाहिने के अंको का गुणा करके दाहिने रख दे जैसे 37 x 33 में 21 दाहिने रख दे
2. बाए तरफ़ के अंक में एक बढाकर उसमे 1 जोड़कर गुणा कर दे जैसे इसमे 3 x 4=12

बस उत्तर हो गया 37x33 = 1221
या 56x 54 = 3024
सुशील दीक्षित

कुछ विशेष संख्याओं के वर्ग निकालना

कुछ विशेष संख्याओं के वर्ग करने की विधि

  1. ऐसी संख्याओं का वर्ग करना जिसके अंत में 5 आता हो , ऐसे संख्याओं का वर्ग करना बहुत ही आसान है
  • 15 का वर्ग इसका वर्ग करने के लिए यह याद रखे की दाहिने तरफ़ के दो अंक तो 25 ही आयेंगे इसलिए अंत में 25 लिख दे और बाकी अंक के लिए जिस संख्या का वर्ग करना है उसके दहाई के अंक को ले और उसमे एक और जोड़कर उसी में गुणा कर ले । जैसे 15 में 1 में 1 और जोड़कर यानि कि 1+1 =2 से 1 में गुणा कर दे । यानी कि 2 x 1=2 यही 25 के पहले लिख दे । यानी कि 15 का वर्ग हो गया 225
  • 25 का वर्ग करने के लिए 2 में 3(2 से एक अधिक ) का गुणा करके लिख दे 625
  • 35 का वर्ग करने के लिए 3 में 4 (3 से एक अधिक ) का गुणा करके 25 के पहले लिख दे 1225
  • 45 का वर्ग करने के लिए 4 में 5 (4 से एक अधिक ) का गुणा करके 25 के पहले लिख दे 2025
  • 55 का वर्ग करने के लिए 5 में 6 (5 से एक अधिक ) का गुणा करके 25 के पहले लिख दे 3025
  • 65 का वर्ग करने के लिए 6 में 7 (6 से एक अधिक) का गुणा करके ४२ के पहले लिख दे 4225

शेष भाग अगले पोस्ट में ------------

सुशील दीक्षित

सरल गुणा करने कि विधि

अब पिछली चर्चा को ही आगे बढ़ते है और अब ऐसे गुणा देखते हैं जिसमे 100 से ऊपर का अंक हो तो क्या होगा ?
पहले बाए तरफ़ के अंको को निकालेंगे
इसके लिए 105 में -7 जोड़े =105 +( -7) =105-7= 98
या 93 में 5 जोड़े 95 + 5 = 98
इसको नोट कर ले चाहे तो इसके आगे ०० बढ़ा कर नोट करेजैसे 9800
अब
+5 से -7 को गुणा करे तो यह हुआ -35
इसको 9800 में -35 जो जोड़े यानी कि 9800 +(-35) = 9800-35 = 9765
बस यही उत्तर हुआ

किसी तरह कि दिक्कत होने पर आप इस पर चर्चा कर सकते हैं ।

सुशील दीक्षित

सरल गुणा (ध्यान देने योग्य बात )

सरल विधि से गुणा करना :-
मैं यह सोच रहा था कि यह समस्या जब सामने लायी जाए तब ही इसपर चर्चा करून । लेकिन मैं इसपर चर्चा करके इसको विधि को समाप्त करके आगे बढ़ना चाहता हूँ।



इसको भी उसी विधि से ही हल करना है । बस दो बातें ध्यान देने की हैं इनको लाल रंग से दिखाया गया है ।
१- 95 में 100 घटाए यह हुआ -5 और इसको 95 के ऊपर लिख दे ।78 में से 100 घटाए और यह हुआ -22 इसको 78 के ऊपर लिख दे ।-22 और -5 का गुणा 110 हुआ इसका केवल दो अंक ही लिखना है यानी कि 10 लिखे और 1 को हासिल ले ।
२- दूसरे स्टेप में 78 में 5 घटाए और हासिल जोड़ दे । 78-5=73 + 1 = 74 इसको बाए तरफ़ लिख दे ।
यानी कि इसको हल करने का तरीका भी वही बस अन्तर इतना है कि 2 अंको तक ही गुणनफल लिखना है और शेष को हासिल में लेकर दूसरे स्टेप में इस्तेमाल करना है।

अगली पोस्ट में हम 105 में 93 का गुणा सीखेंगे ।

सुशील दीक्षित

सरल गणित ( गुणा करना)

पिछली पोस्ट में मैंने गुणा करने का एक सरल ढंग बताया था। संगीता जी ने टिपण्णी के माध्यम से यह जानना चाहा कि क्या 91 से 100 के बीच का गुणा ही हो पायेगा । ऐसा नहीं है आप किसी भी संख्या के लिए यह विधि अपना सकते हैं । जैसे मैं 97 में 78 का गुणा करता हूँ

यदि इस विधि से गुणा आसन लगे तो आप इसको अपना सकते हैं ।

सुशील दीक्षित